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गुरुवार, 31 अक्तूबर 2013

मध्यप्रदेश चुनाव- श्री शिवराज सिंह चौहान


1.मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव-2013 के आपके मुद्दे क्या है ? कांग्रेस ने अपना मुद्दा तय किया है। उनके इस बार के चुनावी मुद्दे है - अवैध उत्खनन और भ्रष्टाचार।
उत्तरः- भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा इन 10 सालों में किया गया विकास और जनकल्याण ही हमारा मुद्दा हैं। हमने कहा है कि जो हमने इन 10 सालों में किया उसका हिसाब हम जनता को दे रहे है कांग्रेस 50 सालों का हिसाब दें। अटल ज्योति अभियान में बिजली अबाध रूप से 24 घंटे 90 हजार कि.मी. से अधिक सड़कों का निर्माण और 25 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचत कर आजादी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा रिकार्ड रहा है। हमारा मुद्दा एक ही है विकास विकास और विकास।
2.आप नवम्बर 2005 से म.प्र. के मुख्यमंत्री हैं, आपने आदिवासियों के विकास के लिये क्या-क्या योजनाएं बनाई क्योंकि पिछले दिनों धार में आपने जन आशीर्वाद यात्रा के   दौरान कांग्रेस पर आपने आदिवासियों के वोट बैंक को यूज करने के आरोप के पीछे आपका तथ्य क्या है ?
उत्तरः- आदिवासियों को जमीन के अधिकार से लेकर मुफ्त जांच दवा एवं उपचार चलित अस्पताल, छात्रावासों और स्कूलों की स्थापना जैसे कई कार्य वनवासी बंधूओं के लिये किये गये। 2003 तक 730 करोड़ रूपयें वनवासी विकास के लिये खर्च किये जाते थे। 2013 में 3230 करोड़ रूपये वनवासीयों के विकास और कल्याण के लिये खर्च किये गये। हमने वनवासियों से सिधे संवाद के लिये वनवासी सम्मान यात्रा निकाली। वनवासी नायक महापुरूषों के स्मारक बनाए। आदिवासियों के मजरे टोले पर 140 करोड़
3.            कांग्रेस के म.प्र. अध्यक्ष श्री कांतिलाल भूरिया जी ने अपनी परिवर्तन यात्रा के दौरान     आपके 14 मंत्रियों के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि       लोकायुक्त के घेरे मे होने के बावजूद भी सरकार ने उन पर कोई कार्यवाही नहीं की       साथ ही एक आईएएस अधिकारी से लेकर बिजली विभाग के मीटर रीडर से लेकर    एक चपरासी तक के घरों में से करोडो- अरबों की संपत्ति बरामद हुई है। इस पर आपकी क्या टिप्पणी है ?
उत्तरः- कांग्रेस ने विपक्ष के नाते केवल एक काम किया है, झूठे आरोप लगाना और दुष्प्रचार      करना। हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण नहीं कानून बनायें हैं, विशेष न्यायालय      अधिनियम हमने बनाया। भ्रष्टाचार के मामलों में फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई और दोषी   होने पर संपत्ति राजसात करने के प्रावधान करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। इसी       का परिणाम है, कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम और विशेष न्यायालय अधिनियम के       परिणाम जनता के लिए सुखद रहे है।
4.            कांग्रेस व अन्य राजनैतिक चिंतको का ऐसा मानना है कि म.प्र. में इस बार एंटी कम्बैंसी फैक्टर भी रहेगा, साथ ही आपके एक मंत्री श्री बाबूलाल गौर का भी मानना है कि इस बार 50-60 विधायकांे का टिकट काटना ही भाजपा के लिए फायदेमन्द रहेगा आपका क्या मानना है।
उत्तरः- मैं स्वयं जनता के आशीर्वाद लेने के लिए जनता के बीच जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से पहुंचा हूं। बड़ी तादाद में जनता जर्नादन ने उपस्थित होकर मुझे आशीर्वाद दिया। रात के 12-12 बजे, बरसते पानी में बच्चे, महिलाएं, बूढ़े यदि आशीर्वाद दे रहे हो तो यह भारतीय जनता पार्टी सरकार के लिए प्रो-इनकम्बेंसी है। गुस्से में तो कोई जनता घर से बाहर आकर यूं ही आशीर्वाद देने नहीं आती।
5.            म.प्र. भाजपा में अन्दर ही अन्दर धमासान मचा हुआ है अभी हाल में ही आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह ने म.प्र. के इंदौर अपना दौरा रद्द करने पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री कांतिलाल भूरिया ने कहा कि यह ताई-भाई अर्थात इन्दौर से भाजपा सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन और आपका उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की लडाई है जो अब खुलकर जनता के सामने आई है इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है ?
उत्तरः- मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी एक स्वर और एक जुट रही है और पूरी सिद्दत के साथ हम चुनाव में जा रहे है। एकता का पाखंड और डिण्ढौरा कांग्रेसी पीट रहे है। बयान अलग-अलग देते है और काम अलग-अलग है और जनता को भ्रमित करने के लिए एक साथ हाथ उठाने का दिखावा करते है।
6.            आपके विधानसभा चुनाव क्षेत्र बुधनी में केन्द्रीय मंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि केन्द्र में मंत्री बनने के बाद म.प्र. को सबसे अधिक पैसा दिया है परंतु म.प्र. का नौजवान आज दिल्ली, मुम्बई मे रोजगार के लिए भटकता है साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी आपकी सरकार पर यह आरोप लगाया है कि म.प्र. मे शिवराज सिंह की सरकार नहीं एसएस अर्थात सूर्यवंशी और शर्मा की सरकार है इस पर आपकी टिप्पणी क्या है ?
उत्तरः- मध्यप्रदेश को, मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का हक मिलना चाहिए था वह केन्द्र की यूपीए सरकार ने नहीं दिया। मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव लगातार किया गया। लेकिन हमने इसके बावजूद भी सफलता अर्जित की है। हमने पांच लाख तो मात्र सरकारी नौकरियां दी, इससे ज्यादा हमने युवाओं में कौशल उन्नयन के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर, उद्यमता विकास के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 25 लाख तक के ऋण सरकार ने अपने गारंटी पर देने का काम किया है। कांग्रेस के शासनकाल में नौकरी के लिए और उसके पहले पढ़ाई के लिए छात्र पलायन कर रहे थे और गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ महसूस करते थे।
7.            पिछले दिनों म.प्र. सरकार की मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का कई जगह विज्ञापन देखा जिसमें यह लिखा था एक दिन की मजदूरी में पूरे महीने का राशन इस योजना के अंतर्गत 1 रू. किलो गेहूँ और 2रू. किलो चावल देने का कार्यक्रम शुरू किया है। परंतु आप पर यह आरोप है कि आपने है कि आपने ऐसी कोई नई योजना नही शुरू की   अपितु पहले से चली आ रही केन्द्रीय योजना को ही फेरबदल कर बना दिया है- जिसमें गरीबों को 5रू. किलो गेहूँ और 6.50 रू. किलो चावल सस्ते राशन की दुकान    वाली योजना के अंतर्गत देती थी। इस पर आपका क्या विचार है।
उत्तरः- मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना मध्यप्रदेश सरकार बरसो से चला रहे अब तो हमने एक दिन की मजदूरी में पूरे महीने के राशन की व्यवस्था की है। हम एक रूपया किलो गेंहू दो रूपये किलो चावल दे रहे है। ऐसा कांग्रेस की दूसरी सरकारें क्यों नहीं कर पाती। हमने गरीब की भूख की चिंता की है। भारतीय जनता पार्टी सरकार समाज के उस वर्ग की सबसे पहले चिंता करती है जो सबसे पीछे है, जो सबसे नीचे है।
8.            म.प्र. सरकार जहाँ गरीब घरो की बच्चियों की शादी करवा रही है वहीं दुसरी तरफ राघव जी जैसे मामलों से आपकी किरकिरी भी हुई है। आपकी पार्टी इस राघव जी जैसे कलंक से कैसे बच पायेगी।
उत्तरः- मध्यप्रदेश में हमने गरीब कन्याओं के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं मुख्यमंत्री निकाह योजना बनाई है। हमने अब तक 250000 गरीब कन्याओं का कन्यादान किया है। मध्यप्रदेश में कानून का राज है, कानून अपना काम करता है।
9.            म.प्र. के युवाओं के लिए आपके पास क्या कार्यक्रम है।
उत्तरः- मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के लिए बेहतर कार्यक्रम बनाये गये है। कांग्रेस के शासन में छात्र पढ़ने को दूसरे राज्यों में जाते थे। आज हमने तो स्किल डेवलपमेंट संेटर, वोकेशनल एजुकेशन के लिए युर्निवसिटी का भी प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 25 लाख तक तक ऋण सरकार की गारंटी पर देने की योजना शुरू की। मुख्यमंत्री युवा कान्ट्रेक्टर योजना, माँ तुझे प्रणाम जैसे अभिनव प्रयोग मध्यप्रदेश में हमने किये है। हम चाहते है कि मध्यप्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, देने वाला बने। हमने पांच लाख सरकारी नौकरियां भी दी है।
10.          6 जून 2013 को महामहिम राष्ट्रपति ने मुगालिया कोट अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी     विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। म.प्र. में हिन्दी विश्वविद्यालय खोलने की आपको प्रेरणा कहाँ से मिली ?
उत्तरः- मैंने बचपन से दी देखा है कि हिंदी भाषी युवा अगर पिछड़ता है, तो उसका कारण भाषा बनती है। मध्यप्रदेश का युवा हिंदी में सोचता है, हिंदी बोलता है, हिंदी जानता है, तो क्यों न उसे हिंदी में ही उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा सुलभ हो सके ये मेरी बचपन से पीड़ा थी। हिंदी विश्वविद्यालय इस समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
11.          म.प्र. की जनता आपको जन-नेता की बजाय अपना बडा भाई मानती है, पिछले दिनों भाजपा की एक महिला रजिया अख्तार ने कहा कि हमारा लक्ष्य है बडे भाई को पुनः सीएम बनाना। इस पर आपकी प्रतिक्रिया।
उत्तरः- मध्यप्रदेश की जनता को मैंने अपने परिवार की भांति ही माना है। मैंने छात्र जीवन से लेकर अब तक पूरे मध्यप्रदेश को देखा है, समझा है। दर्द सबका एक जैसा ही होता है, एक जैसी जरूरते हैं। राजनीति में काम करते-करते अगर आपके जनता से रिश्ते बनते है और जनता आपसे रिश्ता कायम करती है तो वो भरोसा राजनेता निभाये यहीं अपेक्षा जनता की रहती है। हमने जनता के भरोसे को बनायें रखने का प्रयास किया है। मैं हर पल, हर क्षण मरते दम तक जनता के भरोसे को बनायें रखूंगा।
12.          230 विधानसभा सीटों में से पिछली बार आपने 143 सीटों आपकी पार्टी ने जीती थी। इस बार आपको कितनी सीटें जीतने का अनुमान है ? क्योंकि मात्र 1.5 प्रतिशत का अंतर ही म.प्र. की सरकार बनाता है ?
उत्तरः- मैं कोई अनुमान या अटकल नहीं लगाता लेकिन यह तय है कि जनता के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में भाजपा को जबरदस्त बहुमत मिलने जा रहा है।
13.          25 सितम्बर को म.प्र. भाजपा ने जंबूरी मैदान में एक इतिहास रचा। मीडिया के हवाले   से यह खबर भी पता चली की कि 7.71 लाख लोगो की भीड जुटाकर भाजपा ने गिनीज बुक में नाम भी दर्ज करवा लिया। आखिर ऐसा जनसैलाब उमडने के पीछे का        कारण क्या है।
उत्तरः- 25 सितम्बर को निसंदेह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इतिहास रचा है। कार्यकर्ता महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा राजनैतिक आयोजन था। वास्तव मंे पार्टी में कार्यकर्ताओं का भरोसा, सरकार में कार्यकर्ताओं का भरोसा ही ऐसे आयोजन की सफलता का कारण बनते है।
14.          भ्रष्टाचार, महंगाई जैसे क्या केन्द्र के मुद्दे म.प्र. विधानसभा चुनाव में भारी रहेगे अथवा म.प्र. के स्थानीय मुद्दे ही इस विधानसभा चुनाव मे छाये रहेंगे ?
उत्तरः- केन्द्र की यूपीए सरकार ने लाखों करोड़ के भ्रष्टाचार जनता की गाढ़ी कमाई में किये है। जनता आक्रोशित है। वही दूसरी और महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यूपीए सरकार इससे बच नहीं सकती। ये जनता के मुद्दे है।
15.          आपने मदरसों में गीता पढाने के लिये निर्देश दिया है तो साथ ही चार धाम और अजमेर की मुफ्त यात्रा जैसे कई धार्मिक फैसले लिये हैं क्या ये राजनीतिक फैसले है ?
उत्तरः- हम मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ की जनता को एक रूप में देखते है, कोई भेदभाव या पक्षपात भाजपा सरकार मंे नहीं होता। मध्यप्रदेश सरकार ने तय किया कि जो बुजुर्ग है और तीर्थ यात्रा करना चाहते है लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तो क्यों न सरकारी खर्च पर उनको तीर्थ यात्रा कराई जाये। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने श्रवण की भूमिका निभाई है।
16.          25 सितम्बर को म.प्र. जंबूरी मैदान में आपने दो बातें प्रमुखता से कही- 1. आपको बडा दुःख होता है जब आप यह देखते है कि चीन दीये और राखी भी बना रहा, क्या म.प्र.        यह काम नही कर सकता ? आपने यह कहकर लोगो को एक संभावना दी है क्या यह महज चुनाी घोषणा थी अथवा आप इस गंभीर विषय पर कोई ठोस योजना बनायेंगे। 2. आपने यूपीए -2 को भ्रष्टाचार, पाप की लंका कहा है, तो क्या म.प्र. आगामी लोकसभा   चुनाव में हनुमान जी बनकर पाप की लंका को खाक कर देगा क्योंकि मीडिया के हवाले से मोदी जी म.प्र. से कम से कम इस बार 20 लोकसभा सीटे जीतने का अनुमान कर रहे है।
उत्तरः- हां, मुझे दुःख होता है कि छोटी-छोटी चींजे चीन बनाता है, हमारे देश मंे बेचता है। हमारा युवा क्यों नहीं कर सकता, जरूर कर सकता है और वो कर सके इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने उसके उद्यमिता विकास के लिए योजनाएं बनाई है। आगे भी हम इस दिशा में संपूर्ण रूप से विचार कर रहे है। विधानसभा चुनाव और बाद में लोकसभा चुनाव में हम अपेक्षा से अधिक सींटे जीतकर आने वाले है।
19.          क्या इस बार भी पिछली बार की तरह वर्ष 2013 के दिसम्बर महीने मे श्री शिवराज सिंह म.प्र. के मुख्यमंत्री केे रूप मे तीसरी बार भी शपथ लेंगे ?
उत्तरः- निश्चित ही मध्यप्रदेश के साढ़े सात करोड़ की जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है। भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से
- राजीव गुप्ता


               

                                                                                                                                               
                                                                                                                                                                                                               


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