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गुरुवार, 31 अक्तूबर 2013

राजस्थान चुनाव – श्री गुलाब चन्द कटारिया, नेता प्रतिपक्ष


प्र. मुफ्त दवा योजना, मुफ्त जाँच योजना, सस्ते राशन जैसी कई शुरू की गई योजनाओं को मुद्दा बनाकर इस विधान सभा चुनाव में कांग्रेस कहती है कि हमने प्रदेश में जनता के बीच में जायेंगे परंतु भाजपा के पास इस विधानसभा चुनाव हेतु कोई मुद्दा ही नही है. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है ?
उ. कांग्रेस के पास कुछ करने का होता तो उसे पूरे पाँच साल मिले. परंतु साढे चार साल तक जो पार्टी सोयी रही, जिसके पास पर्याप्त बजट था, हमने एक लाख 57 करोड का पाँच बजट पास किया परंतु सरकार के विभिन्न विभागों में पैसा पडा रहा. स्कूलों में एक लाख 14 हजार अध्यापकों के पद रिक्त रह जाएँ जिसके कारण सरकारी स्कूल के बच्चों की हुई दुर्गति का अनुभव सरकार को होगा. मुफ्त दवाई बाँटने अच्छी बात है पर दवाई तो तब मिलेगी जब अस्पताल का डाक्टर पर्ची पर दवाई का नाम लिखेगा. आज लगभग 25% - 30% सरकारी चिकित्सक के पद खाली पडे है. ये तो मैने एक उदाहरण दिया. ऐसे कई उदाहरण राजस्थान में आपको मिल जायेंगे. अब स्वयं आप ही सरकार के दावों का अन्दाज़ा लगा सकते है.
प्र. तो क्या यह मान लिया जाय कि गहलोत सरकार की ये सभी योजनाएँ महज चुनावी – फायदा लेने हेतु शुरू की गई हैं ?
उ. बिल्कुल. अगर यह सरकार इन योजनाओं को इस विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाकर चुनावी – फायदा नही लेना चाहती तो ये सारी योजनाएँ चार साल पहले ही शुरू कर देती. इनको रोका किसने था.
प्र. इस विधानसभा चुनाव में आपके मुद्दे क्या है ?
उ. इस विधानसभा चुनाव का हमारा मुख्य मुद्दा है – राजस्थान का विकास. सिर्फ मै ही नही बल्कि राजस्थान का जन-जन यह स्वीकार करता है कि राजस्थान का अगर सचमुच में विकास हुआ है तो वह शेखावत जी और वसुन्धरा राजे जी के कार्यकाल में ही हुआ है.
प्र. आपने 9 अक्टूबर की अजमेर-रैली में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की कई योजनाओं की जमकर तारीफ की उन सभी योजनाओं का राजस्थान के विकास से क्या संबंध है ?
उ. आपको पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई एक योजना को उदाहरण – स्वरूप बताता हूँ.  प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के कारण ही आज राजस्थान के लगभग 7,700 गाँवो को जोड दिया और उसका सारा पैसा जयपुर से नही दिल्ली के खजाने से दिया. इतना ही नही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, ब्याज में छूट जैसी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ आज राजस्थान के वासी को मिल रहा है.
प्र. अगर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना भारत को दी जिसका लाभ राजस्थान को भी मिल रहा है. इसी प्रकार यूपीए सरकार ने भी तो मनरेगा जैसी योजना देश को दी. तो क्या मनरेगा का लाभ राजस्थान को नही मिल रहा है ?
उ. मनरेगा से राजस्थान का विकास कही आपको नजर आया क्या ? मनरेगा के नाम से ऐसी कोई परिसम्पत्ति बनी है क्या जिसने राजस्थान को तरक्की दी हो ? हमने अपने 2008-2009 के बजट में मनरेगा में छ: हजार करोड रूपया खर्च किया और कांग्रेस ने मात्र 1900 करोड रूपये खर्च किया. इतना ही नही हमने लगभग 26 लाख लोगों को 100 दिन की मजदूरी दी है और कांग्रेस ने मात्र एक लाख तीन हजार लोगों को मजदूरी दी है. आप स्वयं आंकलन कर लीजिए. राजस्थान में तो मनरेगा पूरी तरह धराशायी हो गई. इनकी मनरेगा की सारी योजना धरी की धरी रह गई. ये तो अटल जी को एक मौका और मिलता तथा देश की नदियाँ आपस में जुड जाती तो देश की तकदीर बदल जाती.
प्र. इस वर्ष गहलोत जी ने अपने 15 अगस्त के भाषण में अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनवाते हुए कहा कि – राजस्थान में हमारी सरकार ने पहली बार आई.आई.टी और आई.आई.एम के नये कालेज खुलवाकर एक बहुत बडी उपलब्धि अर्जित की है. गहलोत सरकार की इस उपलब्धि पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है ?
उ. अगर सबसे पहले राज्यस्थान में ही आई.आई.टी और आई.आई.एम के कालेज खुलते तो हम उनकी उपलब्धि मानते. परंतु मेरा यह मानना है कि गहलोत सरकार को देश के परिपेक्ष्य में राज्यस्थाना का ध्यान ही नही है. देश के कई राज्यों में आई.आई.टी और आई.आई.एम के कालेज कई वर्ष पहले ही खुल चुके हैं. उनके चलते हम तो फिसड्डी राज्य बन गये हैं जो कि सबसे अंत में कोई राज्यस्थान का नाम लेता है. इतना ही नही विकास की श्रेणी में हम कभी 12 वें पायदान पर थे आज 16 वें पायदान पर चले गये है. हमारे समय में विकास दर 8.02 थी आज विकास दर 4.2 आ गई है. किसी भी राज्य की विकास दर ही उसके विकास का आधार होती है. जिस राज्य की विकास दर आधी हो जाय और आप कहें कि राज्य का विकास हुआ है तो आप ही आंकलन लगा लीजिए कि इस सरकार ने राजस्थान का क्या विकास किया है ?  
प्र. यह सरकार रिफाईनरी – मुद्दा भुनाने की भरपूर कोशिश कर रही है. आपकी क्या प्रतिक्रिया है ?
उ. गहलोत सरकार सबसे ज्यादा असफल इस रिफाईनरी – मुद्दे पर ही हुई है. केन्द्र और राज्य में सरकार इनकी ही है. परंतु इन्होने जो काम अपने अंतिम समय में किया, अंतिम समय इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि रिफाईनरी का काम तो शुरू होगा नही. अगर यही काम ये चार साल पहले करते तो अब तक रिफाईनरी का काम भी शुरू हो गया होता और उसका लाभ भी राजस्थान को मिलता. इतना ही नही अगर आप एम.ओ.यू पढेंगे तो आपको पता चल जायेगा कि लगभग 37,000 करोड रुपया हमें चुकाना है. शेयर तो हमारा 26% है और इतने पैसे में अगर राजस्थान खुद चाहता तो अपनी रिफाईनरी लगा सकता है.
प्र. राजस्थान में यात्राओं को लेकर एक नया प्रयोग शुरू किया गया. एक तरफ कांग्रेस ने अपनी यात्रा निकाली तो दूसरी तरफ भाजपा ने भी अपनी यात्रा निकाली. आपकी यात्रा के समापन में प्रधानमंत्री के उम्मीदवार श्री नरेन्द्रमोदी जी आए जिसमें लाखो लोगो की भीड भी जुटी. आपको आपकी यात्रा का लाभ इस विधानसभा चुनाव में मिलेगा, इस पर आपका क्या मंतव्य है ?
उ. कांग्रेस ने जो यात्रा निकाली वह एक सरकारी यात्रा व सरकारी कार्यक्रम थे, जिसमें सरकारी पैसा ही लगा. राज्य में आचार संहिता लगने के बाद कांग्रेस जो अब कार्यक्रम करेगी तो उन्हे खुद ही अपनी थाह मिल जायेगी.  परंतु हमारी यात्रा को जो जन-समर्थन जो मिला उसे मै ही नही पूरा राजस्थान जानता है.
प्र. राजस्थान कांग्रेस के भ्रष्टाचारों को उजागर करने हेतु राजस्थान भाजपा ने एक ब्लैक पेपर निकाला है. कृपया इस ब्लैक पेपर के बारें समझाएँ.
उ. गाँधी परिवार के दामाद श्री राबर्ट वाडेरा को राजस्थान सरकार ने किसानो की 10,000 हेक्टेयर जमीन कौडियों के मूल्य पर दिलवाई जबकि राजस्थान सरकार को पता था कि यहाँ सौर ऊर्जा का एक हब बनने वाला है. लेकिन वाडेरा को बुलाया और करोडों रूपया बिना ब्याज के दिए. उसी जमीन को सरकार की पावर-प्रोजेक्ट बनाने की घोषणा के साथ वाडेरा उसी जमीन को ऊँचे दाम पर बेचकर सैकडो करोड रूपये कमाकर चला गया. अब ये बेईमानी नही तो और क्या है. गरीब किसान ने 34,000 रूपये में किसान ने अपनी जो जमीन बेची आपकी सौर ऊर्जा-हब बनाने की घोषणा के साथ उस जमीन की कीमत के रूप में उसे 20,00,000 रूपये मिलते. कम से कम उस गरीब किसान को ही कमा लेने देते और उसकी गरीबी तो दूर होती.
प्र. राजस्थान सरकार ने स्कूली बच्चो को स्कूटी, लैपटाप बाँटे. आपको क्या लगता है कि गहलोत सरकार को इस चुनाव में इसका कुछ लाभ मिलेगा ?
उ. बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यह एक अच्छी बात है. लेकिन जो लैपटाप आपने बाँटे है उन्हे चलाने के लिए जो सुविधाएँ चाहिये वे सुविधाएँ आपके स्कूलों में है क्या ? आपने 8वीं कक्षा के बच्चों को लैपटाप दिया है. राजस्थान में 8वीं कक्षा तक के लगभग 35,000 स्कूल हैं. अब सवाल यह है कि इन बच्चों के घरों में लैपटाप चलाने के लिये बिजली का कनेक्शन है क्या ?
प्र. गहलोत जी अपने और अपने सुपुत्र पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहते है कि अगर आपके पास सबूत है तो साबित करके दिखाईये ?
उ. साबित तो मैने स्वयं विधानसभा में ही कर दिया था. अपने ही भाई-भतीजों को जोधपुर में जो खानों का आबंटन किया, इस प्रश्न को जब मैने विधानसभा में उठाया तो गहलोत जी ने स्वयं कहा कि – गुलाब यह जाँच मैं आपको ही देता हूँ. आप जोधपुर की खानों के आबंटन की सारी फाईलें देख लीजिए और अगर आपको कोई अनियमित्ता दिखे तो सदन को सूचित कीजिए. मैने उन फाईलों को देखा. तत्पश्चात मैने कहा कि जिस बैठक में कानून में परिवर्तन कर पाँच हेक्टेयर को एक हेक्टेयर किया गया. इतना ही नही एक विशेष क्षेत्र को शामिल कर एक नया कानून बनाया गया कि – इस क्षेत्र में जिसकी यूनिट होगी उसे ही यह खान दी जायेगी उस बैठक की अध्यक्षता तो आपने ही की थी. जब इस तथ्य को मैने विधानसभा अध्यक्ष के सामने जब रखा तो गहलोत जी ने अपनी गलती मानते हुए सदन के अंतिम दिन में उन सारी घोषणाओं को निरस्त कर दिया.
प्र. क्या भाजपा राजस्थान के मंत्रियों के चरित्र को लेकर भी जनता के सामने जायेगी ?
उ. यह विषय अपने आप में शर्मिन्दगी का विषय है. चरित्रहीनता के चलते ही आज राजस्थान के कई मंत्री जेल पहुँच चुके है. बावजूद इसके राज्य का मुख्यमंत्री अगर यह कहता है कि – मुझे कोई फर्क नही पडता. अब इससे अधिक चरित्रहीनता की पराकाष्ठा और हो नही सकती.
प्र. पिछ्ली विधानसभा चुनाव में आपको लगभग 34% वोट मिले थे और कांग्रेस को लगभग 36% वोट मिले थे. इस बार आपको कितने प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है ?
उ. मेरा आंकलन यह कहता है कि इस बार हमें लगभग 40% वोट मिलेगे. उसका मुख्य कारण है – इस सरकार की नाकामी, स्कूल में अध्यापकों के पद और अस्पतालों में डाक्टरों के पद खाली है, गाँवों तक बिजली पहुँची ही नही है, सडके बनाने का पैसा है पर सडके बनी ही नही है, लचर कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी का बढना, लोगों की न्यूनतम आवश्यक्ताओं का पूरा न होना.
प्र. नरेन्द्र मोदी की जयपुर रैली और प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की घोषणा से राजस्थान की भाजपा को क्या कुछ फायदा मिलेगा ?
उ. नरेन्द्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा होने के साथ युवाओं की पसन्द में एकदम से उछाल आया है. पडोसी राज्य का लोकप्रिय, बेदाग छवि और प्रशासक-कुशलता का मुख्यमंत्री होने के कारण अकेले राजस्थान में ही लगभग 2-3% तक वोट प्रतिशत बढेगा.
प्र. राजस्थान से लगभग ढाई वर्ष दूर रहने वाली वसुन्धरा राजे जी पर भी श्री ललित मोदी के साथ मिलकर पैसा बनाने का आरोप कांग्रेस लगा रही है ? इस पर आपकी क्या टिप्पणी है ?
उ. आपके पास पूरे पाँच साल थे. अगर कुछ ऐसी आशंका आपको थी तो शुरू में जाँच कर उनपर आरोप सिद्ध कर देते. परंतु तब आपने किया नही क्योंकि आपके पास कुछ तथ्य तो था नही. अब आपके बोलने से क्या लाभ ? जनता इस बात को भलीभाँति जानती है.

- राजीव गुप्ता                                   .

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