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गुरुवार, 31 अक्तूबर 2013

छत्तीसगढ चुनाव - डा. रमन सिंह


प्र. छत्तीसगढ विधानसभा चुनाव – 2013 के आपके पास प्रमुख मुद्दे क्या हैं ?
उ. 2008 के विधानसभा चुनाव के भाजपा - चुनाव घोषणा पत्र में हमने जो कुछ वादा किया था, हमने सभी वादों को पूरी ईमानदारी से पूरा भी किया है. पीडीएस का न केवल व्यापक रूप से आप देख सकते है अपितु आज पूरे देश में पीडीएस अपनी पहचान बना चुका है. साथ ही खाद्यान सुरक्षा से पोषण सुरक्षा तक अब तक लगभग 42 लाख ज्यादा परिवार लाभांवित हो रहे हैं. वनवासी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए चरण पादुका, साडी, सोलर लैम्प, स्वास्थ्य योजना इत्यादि जैसी कई ‘अंत्योदय’ योजनाएँ है जिनसे लाखो परिवारो को लाभ मिल रहा है. छत्तीसगढ की जनता को यह अहसास है कि भाजपा सरकार ही उनके चहुमुखी विकास के लिए न केवल सोचती है अपितु अंतिम व्यक्ति तक उसकी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ भी मिलता है. इतना ही नही पिछले दिनों छत्तीसगढ की आम जनता की प्रतिक्रिया लेने हेतु हमने 6000 किमी. की ‘विकास यात्रा’ किया. उस विकास यात्रा को इतना व्यापक जन-समर्थन मिला जिसके कारण मुझे व्यक्तिगत तौर पर एक अद्भुत अहसास हुआ. जो एंटी-एनकम्बैंसी की बात करते है वो मुझे दूर-दूर तक कही नही दिखाई पडी. आज समाज के सभी वर्गों के चेहरे पर एक उत्साह देखने को मिलता है. हमने सारी योजनाएँ जाति-आधारित न करके अपितु समाज के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर चलाई. स्व-सुरक्षा योजना व्यापक स्तर पर सबके लिए है. आज छत्तीसगढ बिजली – क्षेत्र में सबसे अग्रणी हैं. इतना ही नही राज्य के सभी गरीब बच्चों के लिए टैबलेट, साईकिल, छात्रवृति जैसी योजनाओं चलाकर उन्हे प्रोत्साहित किया. आज़ादी से लेकर अभी तक जो कमियाँ थी उन्हे कम करने का भरपूर प्रयास किया गया है. जिसके कारण छत्तीसगढ की जनता में आप बदलाव का भाव देख सकते है. आगे भी हम अंत्योदय – केन्द्रित योजनाएँ बनायेंगे.
प्र. योजनाएँ अच्छी है जिसे छत्तीसगढ की जनता ने सराहा भी है परंतु स्थानीय स्तर पर लोगों का ऐसा भी मानना है कि भ्रष्टाचार के कारण योजनाओं का लाभ पूर्ण रूप से उन तक नही पँहुच पाया. क्या आपको नही लगता कि स्थानीय स्तर पर तंत्र को और मजबूत को और मजबूत कर भ्रष्टाचार को रोकना चाहिए ?
उ. तंत्र को मजबूत और जवाबदेह बनाना – यह सरकार की प्राथमिकता और कर्तव्य है. परंतु आपको मैं छतीसगढ की एक बात बताता हूँ – पीडीएस से लाभांवित 42 लाख परिवार में से आपको 42 लोग भी ऐसे नही मिलेगे जो इस योजना को लेकर शिकायत कर सके. इतना ही देश के स्थिति से विपरीत आपको छतीसगढ में देखने को मिलेगा कि शिक्षको व पुलिस की भर्तियों मे भी आपको कोई शिकायत नही मिलेगी. हमने तय किया कि बच्चों को स्कूल छोडने से पहले उन्हे जातीय प्रमाण पत्र मिल जाना चाहिए और इसकी जवाबदेही वहाँ के कलेक्टर की है और आज आपको छतीसगढ मे यह जवाबदेही देखने को मिल जायेगी कि जिन मुद्दों को लेकर लोग भटकते थे उन्हे दूर करने का हमने पूरा प्रयास किया है.
प्र. नक्सली समस्याओं के चलते दंतेवाडा समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्र की आम जनता तक सरकार की योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है ?
उ. नक्सल की समस्या आज देश के कई राज्य जूझ रहे है. हमे भी बहुत चिंता है और इस चुनौती से लड भी रहे है. जहाँ पर कभी प्रशासन नाम की कोई चीज ही नही थी आज हमने वहाँ भी ‘थाने’ बनाकर नक्सलियों की पकड को कमजोर कर दिया है. आंकडो से भी आप देख सकते है कि नक्सली घटनाओं मे अब कमी आई है.
प्र. 10 वर्ष का भाजपा शासन के चलते एंटी-एंकम्बैंसी फैक्टर के साथ – साथ कांग्रेस की चुनौती भी है. इसे आप किस तरह देखते है ?
उ. चुनौती तो रहेगी ही पर जनता के पास जाने के लिए कांग्रेस के पास मुद्दे ही नही है. जो 100 दिन में मँह्गाई कम करने के लिए मनमोहन-सोनिया सरकार ने जनता से वादा किया था. आज पता नही कितने 100 दिन निकल गए परन्तु महँगाई कम होने की बजाय उसमे 10 गुनी बढोत्तरी हो गई है. आम जनता आज यह पूछती है कि चावल, गेहूँ, दाल, नमक, यूरिया, सब्जी, तेल जैसी उपभोग की दैनिक वस्तुएँ आज इतना मँहगी क्यो हो गई है ?
प्र. अगर छतीसगढ में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनती है तो आपकी योजनाएँ क्या होगी ?
उ. हम गुजरात की तरह सडक, बिजली, रेल, सिंचाई-संसाधन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के अनेक क्षेत्रों में आगे बढेंगे जिसके कारण देश में छत्तीसगढ की गिनती पहले तीसरे राज्यों में हो.
प्र. छत्तीसगढ के बारे मे ऐसा कहा जाता है कि रायपुर की गद्दी उसे ही मिलती है जो बस्तर मे अधिक से अधिक सीटे जीतता है. पिछले चुनाव मे बस्तर की 12 सीटो मे से आपने 11 सीटे जीती थी. इस बार बस्तर मे आपको कितनी सीटे जीतने का अनुमान है ?
उ. हमने बस्तर मे बहुत काम किया है. जिस प्रकार से पिछले चुनाव मे जनता ने हमको 11 सीटो पर अपना आशीर्वाद दिया था. इस बार भी हमे लगता है कि बस्तर की जनता हमे सभी सीटो पर अपना आशीर्वाद देगी.
प्र. आपने अम्बिकापुर मे एक नकली लालकिला बनवाया था जिससे नरेन्द्रमोदी ने अपना भाषण दिया था. आप पर उस ‘लालकिले’ को लेकर फिज़ूलखर्ची का आरोप लगा गया था. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है साथ ही छतीसगढ में क्या नरेन्द्रमोदी का जादू चलेगा ?
उ. फिजूलखर्ची की बात ही गलत है. एक सामान्य – सा मंच बनाया गया था. कांग्रेस की चिंता मंच नही वहाँ उमडे जन-सैलाब को देखकर है. डेढ लाख से भी अधिक लोग उस सभा मे पँहुचे थे, अब इतने बडे जन- सैलाब को देखकर कांग्रेस को चिंता तो होगी ही.
प्र. 2008 के चुनाव मे आपने चावल – योजना, जिसके तहत आपने चावल 1 रू. किलो देने की बात की थी जिसके चलते छत्तीसगढ की जनता आपको ‘चाउर बाबा’ के नाम से भी जानती है. क्या 2013 मे आप चावल – मुफ्त देने की योजना बना रहे है ?
उ. खाद्यान और पोषण जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन हम और अच्छी तरह से करेंगे.
प्र. पिछले ही दिनों छत्तीसगढ को मनरेगा में देश में दूसरा स्थान मिला. परिवर्तन यात्रा और घर-घर  कांग्रेस अभियान में इन दिनों कांग्रेस के पदाधिकारी राज्य सरकार को कोस-कोस कर गाली दे रहे हैं. राज्य सरकार पर कोयला घोटाले सहित अनेक आरोप भी लगा रहे हैं. लेकिन जैसे ही कांग्रेस के नेता राज्य सरकार पर आरोपों का सिलसिला शुरू करते हैं. उन्ही की केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ में किसी न किसी केन्द्रीय योजना को लेकर रमन सरकार की पीठ थपथपा देती है. अब इसे क्या कहा जाये कि ये महज संयोग है अथवा वास्तविकता है ?
उ. बडे-बडे लोग कोयला घोटाले मे घिरे है परंतु छतीसगढ - भाजपा सरकार पर किसी ने भी कोई आरोप नही लगाये है. मात्र वे सभी कागज पर नारे लगाते है.   

- राजीव गुप्ता

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