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गुरुवार, 27 अक्तूबर 2011

संस्कार और बाज़ार




            अवधपुरी अति रुचिर बनाई !  देवन्ह सुमन बृष्टि झरी लाई !!
                प्रभु बिलोकि मुनि मन अनुरागा !  तुरत दिब्य सिंघासन माँगा !! (उत्तरकाण्ड, रामचरितमानस)

बाय वन गेट टू फ्री....वॉव....देख-देख-उधर-देख....चल यार उधर ही चलते है....आज शॉपिंग करने में मज़ा आ जाएगा....कहते हुए गीतू ने अपनी तीन सहेलियों मीतू,नीतू और रीतू को इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए उस चमकते हुए मॉल के चमकते हुए शो-रूम में जिद करते हुए ले गयी (सभी नाम काल्पनिक हैं) !  देख वो वाला सूट कितना सुन्दर है , गीतू ने मीतू से कहा ....अरे हाँ ...ये तो वही वाला सूट है  जिसे उस वाली ऐड में एक मॉडल ने पहनकर दीवाली के दीये जला रही थी... है  न....नीतू ने मीतू से सूट की तारीफ करते हुए कहा और दूकानदार से वाला सूट खरीद लिया और उसके साथ दूकानदार ने चल रही स्कीम के तहत उसके साथ दो और सूट उसी प्राईस रेंज के उन्हें दे दिए !  सूट लेकर तीनो सहेलियां रीतू को अपने - अपने समान पकड़ाकर जो पहले किसी और दुकान से लिए गए थे ट्रायल रूम में चली गयी ! रीतू उनके ट्रायल रूम से  बाहर निकलने का इंतज़ार करने लगी !  इधर उनके ट्रायल रूम से बाहर निकलने से पहले रीतू ने मौका देखकर लगभग दर्जन भर गर्म शॉल खरीद कर अलग - अलग पैक करा लिया !  आज तो तूने हमारे दिल के पसंद के कपडे हमें खरीदवा दिए , पहली बार दिल को इतनी  तसल्ली मिल रही है , मीतू ने गीतू को धन्यवाद के लिए  आँखों का इशारा किया तो नीतू ने भी मीतू की हाँ में हाँ मिला दिया ! अरे अभी पूरी मार्केट बची है जानेमन , तू देखती जा मेरा कमाल ...मेरी च्वाइस को मानती है न तू ...इतराते हुए गीतू ने अपनी दोनों सहेलियों मीतू और नीतू से कहा !  तू भी कुछ देख ले नीतू ने रीतू से कहा ! हाँ - हाँ भला मै कौन सा पीछे हटने वाली हूँ , मैंने भी कुछ ये शॉल पैक करा लिए है , रीतू ने इशारा करते हुए नीतू को बताया !   इतने सारे ...ये सब तेरे है रीतू , आश्चर्य से मीतू ने गीतू की तरफ देखकर रीतू से पूछा ! बाय वन गेट टू फ्री स्कीम चल रही है , तो इसने सोचा  होगा कि पता नहीं फिर कभी ऐसा मौका मिले या फिर न मिले , इसलिए इसने अपनी शॉल की दूकान खोलने का मन बना लिया होगा और इतने सारे शॉल खरीद लिया ...है न रीतू .., गीतू ने चुटकी लेते हुए रीतू पर कमेन्ट मारी और सभी खिल खिलाकर हंस पड़े !  अरे नहीं यार क्या करूँ मेरी फैमिली ही इतनी बड़ी है , एक के लिए न लू तो दूसरा नाराज हो जायेगा न , रीतू ने मजाकिए लहजे में जबाब दिया !   

ओये इधर देख वो वाला लहंगा...चल उसे देखते है ..बड़ा प्यारा सा लग रहा है...मीतू ने गीतू को इशारा कर दिखाने लगी , यार अब और कास्ट्यूम नहीं खरीदेंगे , नीतू ने दोनों से कहा ! साल में एक बार ही तो ऐसा मौका आता है यार...वैसे भी दीपावली का त्योहार त्रयोदशी से शुरू होकर पांच दिन तक अर्थात धनतेरस, काली चौदस, दीपावली, नूतन वर्ष और भैया दूज तक चलता है ! लगातार पांच दिनों तक त्यौहार है तो क्या एक ही सूट से काम चलेगा चल चलकर देखते है , गीतू ने नीतू को समझाते हुए कहा और उसे भे जबरदस्ती मीतू के इशारे की ओर ले गयी ! 
वहा उन तीनो ने लहंगा , साड़ी और जरूरी कास्ट्यूम खरीदा ! चल अब तो पांचो दिन का त्यौहार आराम से कट जायेगा , लहंगा तो हम सब दीवाली के दिन ही पहनेगे ...है न ..गीतू ने रीतू को छेड़ते हुए बोला औए सब उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए रीतू की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी ! 

सबके दोनों हाथ भरे हुए थे परन्तु अभी शॉपिंग की लालसा ख़त्म नहीं हुई थी ! परिणामतः उन सबने गिफ्ट्स के दूसरे आउटलेट में प्रवेश किया और उसमे भे यही ' बाय वन गेट टू फ्री '  की स्कीम चल रही थी !  इस "कम्प्लीट दिवाली पूजा" गिफ्ट आइटम में आपको एक चांदी की थाली की साथ - साथ दो सोने के सिक्के जिस पर गणेश और लक्ष्मी जी बने हुए है मिलेगे , साथ ही आपको तेरह प्रकार की स्वीट्स , दिवाली पूजन-विधि की किताब, चांदी की एक छोटी सी घंटी , गंगाजल के साथ - साथ और पूजा के लिए जरूरी सभी समान मिलेगे , आप अगर इसे आज ही खरीदते है तो आपको स्कीम के तहत इसी प्राईस  के दो  "कम्प्लीट दिवाली पूजा" मुफ्त मिलेगे , इसे लेने के बाद आपको पूजा के लिए अन्य कोई समान बाहर से नहीं खरीदना पड़ेगा ..परन्तु मैम पेमेंट हम कैश नहीं लेते , दूकानदार ने गीतू की सहेलियों  को  स्कीम के बारे में बताया ! वॉव ....इतना सस्ता और पूजा का सब समान एक ही जगह हमें और कहा मिलेगा क्यों मीतू ? गीतू ने कहा ! ठीक है भैया पैक कर दो नीतू ने दूकानदार से कहा ! और मैम आपके लिए भी पैक करना है क्या ? दुकानदार ने रीतू की तरफ देखकर पूछा ! नहीं भैया मेरे लिए पैक मत करो , रीतू ने कहा ! ठीक है मैम आपको मै कुछ चॉकलेट्स के गिफ्ट-पैक दिखा देता हूँ , दूकानदार ने रीतू को और गिफ्ट दिखाने का ऑफर करते हुए कहा परन्तु रीतू ने माना कर दिया !  यार इस रीतू के चक्कर में तो हम अपनी ज़िंदगी भी नहीं जी सकते , पता नहीं किस ज़माने की है ये , गीतू ने अपनी सहेली मीतू के कान में फुसफुसाते हुए कहा !  किस तरफ है भैया चॉकलेट्स के गिफ्ट-पैक नीतू ने जल्दी से दूकानदार से पूछा ! सर आप मैम को उस तरफ चॉकलेट्स के गिफ्ट-पैक दिखा दीजिये , दुकानदार ने अपने कलीग से कहा ! चलिए मैम , उस नए वाले दुकानदार ने उन सबसे उस तरफ चलने के लिए आग्रह कर आगे-आगे खुद चलने लगा !  मेरे मुह में पानी आ रहा है , गीतू ने मीतू से कहा ! अरे थोडा कंट्रोल तो कर वैसे भी चॉकलेट देखते ही तेरे मुह में पानी आ ही जाता है , नीतू ने गीतू की टांग खीचते हुए कहा ! मैम आपको पता ही है जकल बाहर सभी दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए मिठाइयों में मिलावट कर देते है आपने  समाचारों में पढ़ा व देखा भी होगा , इसलिए हमारी कंपनी ने मार्केट में अपने इस नए प्रोडक्ट को    " दिवाली स्पेशल "  लॉन्च किया है , आप उस तरफ स्क्रीन पर भी देख सकती है कि किस तरह नकली मिठाइयाँ बन रही है , दूकानदार ने टी.वी की तरफ इशारा कर उन सबको दिखाया और अपने " दिवाली स्पेशल "  गिफ्ट  की ओर उन्हें और ज्यादा आकर्षित करने में सफल भी हो गया , उन्होंने अब " दिवाली स्पेशल " के साथ दो - दो और गिफ्ट पैक खरीद लिए  !  अपनी -अपनी तनख्वाह का सारा पैसा उन तीनो ने उस मॉल  में चंद पल में ही उड़ा दिया और हालत ये हो गयी घर वापस वो लोग रीतू से कुछ पैसे उधार लेकर घर जाने के लिए रीतू की गाडी में बैठ गयी ! 

कुछ किलोमीटर जाने के बाद हलवाई की एक दूकान के सामने रीतू ने गाडी रोक कर अपनी गाडी का होर्न बजाया ! मैडम का सारा सामान गाडी की डिक्की में रखवा दो ...होर्न की आवाज सुनकर दूकानदार ने अपने नौकर से कहते हुए हाथ में  समान की पर्ची लेकर रीतू के पास आ गया !  मैडम आपने जो सामान आपने लिखवाया था वो सारा मैंने रखवा दिया है ! और है आपने जिन मोमबत्तियों के लिए आग्रह किया था हमने वो भी मंगवाकर रखवा दिया है (नेत्रहीन बच्चो द्वारा बनाई हुई मोमबत्तियों की प्रदर्शनी में रीतू को उसके पिता के ले गए थे) !  साहब और मेम साहब को मेरी तरफ से  नमस्ते कीजियेगा और कहियेगा जब भी इधर आये एक बार मुझसे जरूर मिलेगे , उनके आशीर्वाद से ही आज इतनी बड़ी दूकान बन गयी है , वैसे भी बेटी अब ज़िंदगी का क्या भरोसा , उस हलवाई ने रीतू से कहा (रीतू के पापा शहर के बहुत बड़े बिजनेसमैन है , ये हलवाई पहले उनके घर का नौकर था, हलवाई के बेटे की पढाई का सारा खर्चा  रीतू के पापा ने उठाया था , अब वो एक कंपनी में अच्छी पोस्ट पर था, पांच साल पहले दिवाली पर ही रीतू के पापा ने उन्हें एक दूकान खुलवा दी थी) !  अरे नहीं काका , भूल गए बचपन में जब मै रोया करती थी तो आप कहा करते थे कि आप मेरी शादी में साड़ी पहनकर नाचेगे , रीतू ने हलवाई को छेड़ते हुए कहा ! ठीक है पापा और मम्मी को आपका मैसेज दे दूंगी , अच्छा अब मै चलती हूँ , नमस्ते कहकर रीतू ने अपनी गाडी आगे बढ़ा दी ! 

तूने देखा नहीं कि ये हलवाई मुनाफे के चक्कर में आजकल कैसे नकली मिठाई बनाकर बेचते है ?  मीतू ने रीतू से पूछा ! यार आजकल कोई चैरिटी के लिए दूकान तो खोलगा नहीं ,  जो भी  मार्केट में है अगर वो मुनाफा नहीं कमाएगा  तो भला कौन कमाएगा  ?  जो स्कीम " बाय वन गेट टू फ्री " तुमने ली है उसने इन हलवाइयों से ज्यादा कमाया होगा , ये मै गारंटी के साथ कह सकती हूँ , रीतू ने कहा ! और रही बात नकली मिठाई कि तो मैडम जी बाजार में  आजकल बहुत सारे आप्सन्स जैसे नारियल की बर्फी इत्यादि मौजूद है,  फर्क बस  इतना है कि आधुनिकता के नाम पर ,  दिखावे और बहकावे के चक्कर में हम बेवकूफ  बनाये जाते है और आसानी से बन भी जाते है, आज अमीरी और गरीबी में इतनी ज्यादा  गैरबराबरी बढ़ गयी है कि पूछो मत ,  रीतू ने कहा ! यार बुरा मत मानना तू थोडा कंजर्वेटिव है , हमारी सोच कम मिलती है , हम अपनी ज़िंदगी को फुल मस्ती के साथ जीना चाहते है , हमें कोई फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी इन दकियानूसी बातों से , गीतू ने रीतू की बातों पर फिर से चुटकी लेनी चाही पर इस बार मीतू और नीतू ने भी उसका साथ न देकर रीतू के साथ दिखी !  इतने में सामने घर था , रीतू ने गाडी रोकी फिर सबने अपना अपना समान गाडी से उतारा ! मै अभी आयी , कहकर रीतू ने गाडी आगे  की तरफ बढ़ा दी !

थोड़ी देर  में सामने  एक वृद्ध-आश्रम आया ! रीतू ने गाडी रोककर गाडी से कुछ समान उतारा !  सबके कमरे में जा - जाकर सबको एक-एक शॉल देकर, सबको मिठाई खिलाकर और पूरे आश्रम को मोमबत्ती की रोशनी में जगमगाकर सबसे आशीर्वाद लेकर विदा लिया ! फिर वो पास के ही एक अनाथालय में गयी , जहां बच्चों ने खूब शोर मचाकर रीतू का स्वागत किया ! कोई गाडी के ऊपर चढ़ गया , तो कोई सामान उतरने लग गया , तो कोई सीट पर बैठ कर गाडी चलाने  का अभिनय करने लगा तो कोई गाडी का होर्न बजाने लगा !  अरे बस भी करो दीदी को अन्दर आने दो , अन्दर से बाहर आते हुए  उनकी टीचर ने बच्चो को दांत लगाते हुए कहा ! रहने दीजिये मैडम मै तो इनसे ज्यादा शरारती थी एक बच्चे को गोद में उठाये और उसकी नोजी साफ करते हुए रीतू ने उन मैडम से कहा !  सबको गिफ्ट , मोमबती और मिठाई देते हुए पूरे भवन को दीपों और मोमबत्तियों से प्रकाशित करके सबके साथ बरामदे में बैठकर अन्त्याक्षरी खेलने लगी ! एक बच्चा पटाखों के लिए जिद करने लगा तो रीतू ने उसे समझाते हुए कहा कि इन पटाखों  को आप जैसे बच्चों से ही बनवाया जाता है , जिसे बनाते हुए कई बच्चों को अपनी जान तक  से हाथ धोना पड़ जाता है ! वैसे भी पटाखों से तीन चीजो का बहुत ज्यादा नुक्सान होता है - १.वायु प्रदूषण जिससे तो सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीजों को होती है, २.ध्वनि प्रदूषण जिससे तो कान के परदे तक फट सकते है , ३.पैसे का दुरुपयोग !  पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान राम जब लंका नरेश रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे उस खुशी में अयोध्यवाशियों ने पूरी अयोध्या में घी के दीपक की रोशनी से जगमगा दिया था और तब से यह पर्व मनाया जाता रहा है , आर आप सबको एक बात बताती हूँ कि घी के दीपक जलाने से हमारे  वायुमंडल की हवा साफ़ होती है ,  रीतू ने बच्चो को बताया ! रीतू के इस तरह समझाने से सभी बच्चे मान गए और अंत में रीतू ने किसी की कही हुई पंक्तियों को सभी बच्चों से दोहरवाया :-       
        
दीप मोहब्बत का जलाओ तो कोई बात बने ,
नफ़रतों को दिल से मिटाओ तो कोई बात बने ,
हर चेहरे पर तबस्सुम खिलाओ तो कोई बात बने ,
हर पेट मे अनाज पहुँचाओ तो कोई बात बने !
भ्रष्टाचार आतंक से देश फिर आज़ाद कराओ तो कोई बात बने ,
प्रेम सौहार्द भरा हिन्दुस्तान फिर से बनाओ तो कोई बात बने ,
गिले-शिकवे मिटा फिर गले लगाओ तो कोई बात बने ,
इस दीवाली प्रीत के दीप जलाओ तो कोई बात बने !! 


- राजीव गुप्ता 

5 टिप्‍पणियां:

Suman ने कहा…

nice

Dhiraj kumar ने कहा…

Bahuat khub..Rajiv ji..

बेनामी ने कहा…

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बेनामी ने कहा…

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